हिंदू स्मृतियां

हिंदू धर्म में "स्मृति" (Smriti) ग्रंथों की एक बहुत बड़ी परंपरा है।
"स्मृति" का अर्थ है – जो स्मरण रखा गया हो (यानि कि परंपरा से चला आ रहा ज्ञान)।
इनका आधार वेद हैं, और इन्हें धर्मशास्त्र भी कहा जाता है।

स्मृतियों की मुख्य श्रेणियाँ

1. धर्मसूत्र (अधिक प्राचीन, सूत्र रूप में)

2. धर्मशास्त्र / स्मृति (श्लोक रूप में, अधिक व्यवस्थित)

प्रमुख स्मृतियाँ

भारतीय परंपरा में लगभग 18 मुख्य स्मृतियाँ मानी जाती हैं। उनमें से कुछ सबसे प्रसिद्ध हैं:

1. मनु स्मृति (मनुस्मृति)

2. याज्ञवल्क्य स्मृति

3. नारद स्मृति

4. पाराशर स्मृति

5. आपस्तंब स्मृति (या आपस्तंब धर्मसूत्र)

6. गौतम स्मृति (गौतम धर्मसूत्र)

7. बौधायन स्मृति (बौधायन धर्मसूत्र)

8. वशिष्ठ स्मृति

9. शंख स्मृति

10. लिखित स्मृति

11. हरित स्मृति

12. अंगिरस स्मृति

13. कात्यायन स्मृति

14. यम स्मृति

15. विश्वामित्र स्मृति

16. उशनस् (शुक्र) स्मृति

17. दक्ष स्मृति

18. सम्ब, अथवा बृहस्पति स्मृति

विशेष बातें

इन 18 के अलावा और भी कई छोटे–छोटे धर्मशास्त्र/स्मृतियाँ हैं।

अलग-अलग काल और परंपराओं में अलग-अलग स्मृतियों को अधिक मान्यता मिली।

जैसे — न्यायिक दृष्टि से नारद स्मृति और कात्यायन स्मृति को महत्व दिया गया।

गृहस्थ जीवन और सामाजिक व्यवस्था में मनु स्मृति और याज्ञवल्क्य स्मृति सबसे अधिक प्रचलित रहीं।

कलियुग में आचरण के लिए पाराशर स्मृति को विशेष मान्यता मिली
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि
मनुस्मृति के अलावा 17 अन्य प्रमुख स्मृतियाँ हैं (यानी कुल 18), और छोटी-मोटी मिलाकर लगभग 50 से भी अधिक स्मृतियाँ उपलब्ध हैं।

अब मैं आपको इन 18 स्मृतियों का संक्षिप्त परिचय आगे के अंक में देने जा रहा हूँ।


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