मनु स्मृति प्रथम अध्याय
मनुस्मृति – पहला अध्याय : सृष्टि और धर्म की उत्पत्ति यह अध्याय कुल मिलाकर सृष्टि की रचना और धर्म की नींव के बारे में है। इसमें ऋषि मनु ने बताया है कि यह सम्पूर्ण संसार कैसे उत्पन्न हुआ और मनुष्य का आचार-विचार किस आधार पर होना चाहिए। 1 . प्रारंभिक संवाद अध्याय की शुरुआत में ऋषि मनु का परिचय दिया गया है। उनके शिष्य ऋषि भृगु उनसे प्रश्न करते हैं – “धर्म क्या है? मनुष्य को किस प्रकार जीवन जीना चाहिए?” तब मनु उत्तर देते हैं और धर्म का मूल स्रोत बताते हैं। 2. सृष्टि की उत्पत्ति प्रारंभ में केवल अंधकार और निराकार जल था। उसी से ब्रह्म (सृष्टिकर्ता) प्रकट हुए। उन्होंने पंचमहाभूत (आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी) का निर्माण किया। फिर ब्रह्मा ने विभिन्न लोकों, देवताओं, ऋषियों और प्राणियों की सृष्टि की। 3. वर्ण व्यवस्था की उत्पत्ति मनु बताते हैं कि ब्रह्मा ने अपने शरीर से चार वर्णों की रचना की : ब्राह्मण – मुख से (ज्ञान और वेद अध्ययन के लिए) क्षत्रिय – भुजाओं से (शासन और रक्षा के लिए) वैश्य – जंघा से (व्यापार और कृषि के लिए) शूद्र – चरणों से (सेवा के लिए) 👉 यह वर्णन प्रतीकात्मक है, जो समाज के विभा...